विक्रम सिंह जनाब साग़र "शायर"
लेखक परिचय
विक्रम सिंह, जिन्हें उनके चाहने वाले जनाब साग़र शायर के नाम से जानते है। यह हिन्दी के कवि और शायर हैं।
शिक्षा
जनाब साग़र का जन्म 16 अगस्त 1991 ई को अंबाला हरियाणा के एक छोटे से गांव शकरपुरा में हुआ था। बचपन से ही इनका हरेभरे खेतों, नदियों पहाड़ों व झरनों से वास्ता रहा है l गांव की गलियों में पले बढ़े तथा किताबों के प्रति लगाव बचपन से ही रहा जो कि आज भी जारी है। पिता श्री राम कुमार व माता श्रीमती ऊषा देवी ने इन्हें हमेशा सहयोग दिया । इन्होने अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निष्ठा से निभाते हुए अपनी शायरी के कौशल को ओर विकसित किया I
जन्म व पृष्ठभूमि
प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से प्रथम श्रेणी में पास की । गवर्नमेंट हाई स्कूल ज्यौली से मैट्रिक की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी से तथा बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद प्रथम श्रेणी में इलेक्ट्रॉनिक से डिप्लोमा किया इसके तुरंत बाद एक मल्टीनेशनल कंपनी में चयन हो गया I ग्रेजुएशन डिस्टेंस से किया। पढ़ाई में 6 वर्ष का अंतराल आने के बाद वर्ष 2020 में स्नातकोत्तर की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त की I इसके बाद वर्ष 2022 B.Ed की पढ़ाई पूरी की I और असिस्टेंट प्रोफेसर की तैयारी में जुट गए। लगातार 6 बार यूजीसी नेट की परीक्षा में असफल होने के बाद जून 2023 में परीक्षा पास की और फिर लगातार 4 बार इतिहास विषय से यूजीसी नेट की परीक्षा पास की। 6 महीने बाद ही श्री सरस्वती संस्कृत कॉलेज खन्ना में इतिहास विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन हो गया। वहां पर 8 महीने तक अध्यापन कार्य किया l इसी दौरान इनका हरियाणा सरकार में क्लर्क के पद पर चयन हो गया। अब जनाब सागर हरियाणा सरकार के पब्लिक हेल्थ विभाग,अंबाला कैंट में कार्यरत है। और अपना लेखन कार्य भी साथ साथ करते हुए शिक्षक के पद के लिये भी प्रयासरत हैं।
जीवन
जनाब साग़र का प्रारंभिक जीवन काफी कठिनाईयों में गुजरा । जिन्दगी के अहसासात को लब्जो में पिरोते चले गये। जिस कारण लेखन में रुचि बढ़ने लगी। इन्होंने लगभग 18 वर्ष की उमर में लिखना प्रारंभ कर दिया था । शायरों, कवियों और गीतकारों को सुनकर ही इनकी दिनचर्या आरंभ होती थी । इनका जीवन बहुत ही साधारण रहा है । दोस्त कम से कम है लेकिन जो भी हैं बहुत दिल अज़ीज़ हैं । वर्ष 2020 में वैवाहिक जीवन की शुरुआत की । पत्नी डिंपल कदम कदम पे साथ निभाती और लगातार कुछ नया करने के लिए प्रेरित करती । बेटा शान और बेटी जन्नत के आने से जिन्दगी में चार चांद लग गए हैं।
प्रमुख रचनाएँ
दुनिया में आया हूँ तो सोचता हूं मशहूर हो जाऊं
मगर डर लगता है ऐ जिंदगी कहीं तुझसे दूर ना हो जाऊं I
जिंदगी के अकेलेपन और तन्हाई ने लिखने पर मज़बूर कर दिया और जल्द ही शायरी को समझ कर शायरी लिखने लग गये I कॉलेज के दिनों में कई मौकों पर तथा अपने कार्यक्षेत्र में सभी को अपनी शायरी से रूबरू करवाया और खूब वाह वाही बटोरी I एक शेर अर्ज़ है कि
शायरी की शुरुआत
"मेरी ग़ज़लें मेरे शेर" फ़रवरी 2025 में अपनी शायरी की पहली किताब प्रकाशित की। तथा जल्द ही आपके सामने आने वाले दिनों अपनी एक ओर किताब प्रस्तुत करने वाले हैं ।
कुछ चुनिंदा शेर आपकी नज़र है :-
दीवाना तेरी चाहत में , इस क़दर हूं मैं
तुझे पा के भी ऐ मंजिल, यूँ लगता हैं अभी सफ़र में हूं मै I
मेरी कलम मोहताज है तेरे हुस्न की सागर
ये जब भी लिखती है हर्फ़ ऐ इश्क बयां करती है I
बादल, घटा, बरसात, बहारों के दिन है
सबसे बेहतरीन यारों, कुंवारों के दिन है I








प्रसिद्ध शायरी
Author Email id: vikram.vijeta@gmail.com













